किसान, ग्रामीण और मतदाता को केंद्रबिंदु मानकर सामाजिक दायित्व के कर्तव्य को समझते हुए विधायक रणधीर सावरकर पिछले बारह वर्षों से अकोला पूर्व विधानसभा क्षेत्र के नियोजित भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध
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अकोला…किसान, ग्रामीण और मतदाता को केंद्रबिंदु मानकर सामाजिक दायित्व के कर्तव्य को समझते हुए विधायक रणधीर सावरकर पिछले बारह वर्षों से अकोला पूर्व विधानसभा क्षेत्र के नियोजित भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। अगले पचास वर्षों की सोच के साथ खाका तैयार कर उन्होंने अपने क्षेत्र में सांस्कृतिक परंपरा और बुनियादी सुविधाओं के साथ विकास को गति दी है।
अकोट तहसील के पलसोद गांव में बना कोल्हापुरी बंधारा सचमुच ‘नवसंजीवनी’ साबित हुआ है। वैश्विक स्तर पर अकोला जिले का नाम सबसे अधिक तापमान वाले टॉप-10 में शामिल होने के बावजूद, बोरवेल और कुओं का पानी घट रहा था। लेकिन इस बंधारे के कारण क्षेत्र में पानी की उपलब्धता बनी है। कभी सूखे की मार झेल रहे इस इलाके में अब हरियाली लौट आई है। पशुधन के लिए, खेती के लिए और नागरिकों के लिए पानी उपलब्ध होने से पंचक्रोशी के किसानों व ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।
विधायक सावरकर की दूरदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा के कारण केवल बंधारे ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों का विकास हुआ है। जलसंरक्षण के लिए यह बंधारा मिट्टी के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हुआ है। आम लोगों की भावनाओं को समझकर सार्वजनिक व व्यक्तिगत समस्याओं को हल करने की उनकी कला के कारण जिले में उन्होंने अलग पहचान बनाई है।
क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों की समस्याओं और जरूरतों को ध्यान में रखकर विधायक सावरकर नियोजित कार्यक्रम चला रहे हैं। खुद इंजीनियर, किसान और व्यापारी होने के कारण आम आदमी की नब्ज पहचानने वाले, किसान आंदोलन से निकले और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. संजय धोत्रे के नेतृत्व में तैयार हुए जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी पहचान है।
18 घंटे मतदाता, किसान, ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के विकास को ही केंद्रबिंदु मानकर लगातार फॉलोअप करने वाले कार्यकर्ता-विधायक के रूप में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है।