बजट में आम जनता की उम्मीदों से विश्वासघात; युवा, किसान और गरीब पूरी तरह उपेक्षित- विधायक साजिद खान पठान
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बजट में आम जनता की उम्मीदों से विश्वासघात; युवा, किसान और गरीब पूरी तरह उपेक्षित- विधायक साजिद खान पठान
अकोला-रविवार को पेश किया गया बजट पूरी तरह निराशाजनक है और यह आम जनता की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला साबित हुआ है। बजट में युवाओं के रोजगार के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया, जिससे बढ़ती बेरोजगारी और गंभीर होने की आशंका है। यह तीखी प्रतिक्रिया पश्चिम अकोला विधानसभा क्षेत्र के विधायक साजिद खान पठान ने व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब उत्पादन क्षेत्र लगातार गिरावट का सामना कर रहा है और निवेशक देश से पूंजी निकाल रहे हैं, तब भीसरकार ने इन ज्वलंत मुद्दों पर आंखें मूंदली हैं। इस बजट से आम जनता को किसी प्रकार की राहत नहीं मिली है। विशेषकर गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिएयह बजट समझ से परे है और केवल आंकड़ों का खेल बनकर रह गया है। विधायक पठान ने चिंता जताते हुए कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और जलापूर्ति योजनाओं के लिए आवंटित निधि में पिछले बजट की तुलना में कटौती की गई है, जो अत्यंत गंभीर विषय है।इसके साथ ही एससी, एसटी और ओबीसी विद्यार्थियों की छात्रवृत्तियों में भी कटौती स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, जिससे समाज के वंचित वर्गों की शिक्षा पर संकट मंडरा रहा है। ग्रामीण और शहरी विकास के लिए आवंटितधनराशि में कमी किए जाने से यह साफ हो गया है कि सरकार आम नागरिकों की बुनियादी जरूरतों के प्रति उदासीन है।विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाला यह बजट वास्तव में केवल सपने दिखाने वाला है और इसे महज पांच प्रतिशत अमीर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ऐसा आरोप भी उन्होंने लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बजट सर्वसामान्य के हित में नहीं है, बल्कि इससे यह उजागर होता है कि सरकार गरीबों, किसानों, छात्रों और युवाओं के मुद्दों से कितनी दूर जा चुकी है।